प्रवासी मजदूर: बिना स्क्रीनिंग घर वापसी नहीं:- कोरोना महामारी के चलते पूरे देश से प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों में भेजने की गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए आदेश के बाद राज्य अपने प्रवासी मजदूरों को बुलाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं|
गृह मंत्रालय ने प्रवासी मज़दूर, तीर्थयात्रियों व छात्रों की वापसी के लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं और कहा गया है कि बिना स्क्रीनिंग के कोई भी मजदूर को ना बुलाया जाए ताकि कोरोनावायरस का प्रसार इनके द्वारा ना हो सके ,सही तरीके से स्क्रीनिंग होने के बाद ही इन प्रवासी मजदूरों को आवाजाही की अनुमति मिलेगी ,राज्य सरकारें अपने प्रवासी मजदूरों को वापस बुलाने के लिए अब प्रयास तेज कर दिए हैं, इन प्रवासी मजदूरों की आवाजाही बसों के द्वारा ही होगी, हालांकि कुछ राज्यों ने ट्रेन चलाने की सिफारिश की है और कहा है कि इतने अधिक संख्या में लाखों मजदूरों को बसों से वापस लाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि उन्हें ट्रेनों से आवाजाही के लिए अभी कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले है, इन्हें बसों से ही अपने गृह राज्यों में भेजने की तैयारी हो रही है ,
राज्य सरकारें अन्य राज्यों में फंसे अपने प्रवासी मजदूरों के लिए सर्वे का काम करा रही है और उनके आंकड़े इकट्ठे किए जा रहे हैं ,यूपी, पंजाब, महाराष्ट्र ,उत्तराखंड ,दिल्ली आदि राज्यों ने अपने प्रवासी मजदूरों के आंकड़े इकट्ठे करने के लिए जरूरी कदम उठाएं है, दिल्ली में शहरी आश्रय सुधार बोर्ड ने प्रवासी मजदूरों के सर्वे का काम शुरू भी कर दिया है ,यह सर्वे उनके आधार कार्ड या पहचान पत्र के जरिए आंकड़े इकट्ठा कर रहा है कि वह किन राज्यों के मजदूर हैं, इसके बाद इन मजदूरों की सही तरीके से स्क्रीनिंग की जाएगी उसके बाद उन्हें भेजने का काम किया जाएगा ,उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्य राज्यों से अपने मजदूरों को वापस बुलाने का काम भी शुरू कर दिया है|

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here