यह हाथ जोड़ने वाला नहीं ,हाथ तोड़ने वाला भारत है: पीएम मोदी :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सर्वदलीय बैठक के बाद भारत चीन सीमा विवाद पर कहा ,”यह हाथ जोड़ने वाला नहीं, हाथ तोड़ने वाला भारत है “,भारत की तरफ आंख उठाने वाले की आंख निकाल ली जाएगी ,
पीएम ने आज देश के नाम संदेश देते हुए सर्वदलीय बैठक के बाद चीन का स्पष्ट रूप से नाम लेते हुए कहा कि देश में चीन के प्रति गुस्सा है , देश की संप्रभुता की रक्षा हमारी प्राथमिकता है , प्रधानमंत्री ने कहा कि जवानों की वीरता पर देश को अटूट विश्वास है, चीन ने धोखे से हमारे सैनिकों को मारा लेकिन हमारे वीर सैनिक भारत माता की तरफ आंख उठाने वालों को सबक सिखा कर शहीद हुए, हमारी सीमा में कोई नहीं घुसा, हमारी 1 इंच जमीन पर भी किसी का कब्जा नहीं है , उन्होंने सीमा पर हुए निर्माण कार्यों को लेकर कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से वहां पर पेट्रोलिंग बढ़ी है ,पेट्रोलिंग बढ़ने से हमारी सतर्कता बढ़ी है ,
पहले उन्हें कोई रोकता टोकता नहीं था लेकिन अब इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से उन्हें हमारे जवान हर कदम पर रोकते और टोकते हैं ,हमने कभी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं किया , हमने सेना को पूरी तरह से छूट दी हुई है, जल ,थल ,नभ हर तरफ से जवानों को हालात के हिसाब से निर्णय लेने की छूट दी हुई है, हमारे जवान किसी को भी सबक सिखाने में सक्षम है ,भारत की कोई भी पोस्ट किसी के कब्जे में नहीं है , आज भारत चीन सीमा पर सुखोई ,अपाचे ,चीनूक हेलिकॉप्टर और मिराज विमानों ने बॉर्डर पर निगरानी की , वायु सेना के साथ थल सेना और जल सेना हर तरह की परिस्थितियों के निपटने निपटने में सक्षम है,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन द्वारा पूर्वी लद्दाख में धोखेबाजी द्वारा भारतीय सेना के 20 जवानों के शहीद होने पर उत्पन्न हुए हालात पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई थी ,इसमें देश के सभी प्रमुख दलों ने हिस्सा लिया, इस सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस को छोड़कर सभी प्रमुख दलों ने एक सुर में सरकार के साथ खड़े होने की बात कही, कांग्रेस की तरफ से सोनिया गांधी ने सरकार से सवाल पूछा कि सरकार बताए कि, कब हुई घुसपैठ ,भारत की कितनी जमीन चीन के कब्जे में है और भारत के कितने जवान चीन के कब्जे में है, कांग्रेस के अलावा सभी दलों ने चीन को सबक सिखाने की बात कही ,महाराष्ट्र मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा वह सरकार के साथ हैं, उन्होंने तो यहां तक कहा कि चीन की आंखें निकाल दी जानी चाहिए ,भारत मजबूत है मजबूर नहीं, एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी सरकार के निर्णय के साथ खड़े नजर आए,
ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर सरकार का साथ देते हुए कहा कि सीमा से चीनी घुसपैठियों को भगाना होगा साथ ही चीन द्वारा भारत में आर्थिक घुसपैठ को भी बाहर करना होगा ,हम सरकार के हर फैसले के साथ हैं ,बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि सरकार जो भी फैसला लेगी वह उसमें सरकार के साथ है, सपा के रामगोपाल यादव ने भी सरकार का साथ दिया, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सरकार का साथ देते हुए कहा कि आज पूरे देश में चीन के प्रति गुस्सा है और उन्हें सबक सिखाना ही होगा, राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि बिना हथियारों के सेना को सीमा पर क्यों भेजा? पीएम देश को अंधेरे में क्यों रख रहे हैं? प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा था कि हमने शहीदों के परिवारों से बात की थी कि उस समय सैनिकों के पास हथियार नहीं थे, राहुल गांधी के इस ट्वीट के बाद बीजेपी उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे ने राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर कहा कि राहुल गांधी ऐसा करके चीन का मनोबल क्यों बढ़ा रहे हैं इस तरह से उन्हें बोलने से पहले अपने पार्टी से विचार-विमर्श कर लेना चाहिए,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक के बाद सभी दलों का आभार व्यक्त करते हुए कहा इस समय सभी दलों का सरकार के साथ एकजुट होकर खड़े होने से दुनिया में एक कड़ा संदेश जाएगा, इससे हमारी देश की एकता का पता चलेगा ,उन्होंने सभी दलों के नेताओं का धन्यवाद किया |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here