भारत चीन सीमा विवाद: भारत को किसी मध्यस्थ की जरूरत नहीं :- कोरोना महामारी संकट के बीच चीन द्वारा भारतीय सीमा में लगातार घुसपैठ की कोशिश हो रहा, कोरोना संकट से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए, विदेशी कंपनियों का चीन से मोहभंग और भारत में उनकी निवेश की रुचि से चीन चिढ़ गया है ,

भारत और चीन के बीच बढ़ती इस तनातनी के बीच बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत चीन के बीच मध्यस्थता की पेशकश कर दी, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग में सवालों के जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि हम शांति से इस मसले को चीन के साथ सुलझाने के लिए बातचीत कर रहे हैं इसमें किसी तीसरे मध्यस्थ की जरूरत नहीं है, इससे पहले ट्रंप ने भारत पाकिस्तान विवाद में भी मध्यस्थता की पेशकश की थी जिसे भारत में ठुकरा दिया था,

चीनी सेना के जवान गवलन घाटी के दक्षिणी पूर्वी इलाके में 3 किलोमीटर तक आगे आ चुके हैं चीनी सेना ने गवलन घाटी में पेट्रोल पॉइंट 14 और 15 और गोगर चौकी के नजदीक भी अपना तंबू लगा लिया है, चीन लगातार इस इलाके में अपनी सैन्य गतिविधियां भी बढ़ा रहा है वहीं पूर्वी लद्दाख में भी वास्तविक नियंत्रण रेखा एलएसी पर चीनी सेना की घुसपैठ करने की कोशिश कर रही है और भारतीय जवानों के साथ उनकी तनातनी भी हो चुकी है, चीन लगातार उकसाने वाली हरकत कर रहा है ,भारतीय सेना ने भी गवललन घाटी और पैगांग त्सो इलाकों में अनमैंड एरियल व्हीकल तैनात कर दिए हैं ,चीनी सेना की इस हरकत को देखते हुए भारतीय वायु सेना ने भी कमर कस ली है और अपने प्रमुख चिनूक हेलीकॉप्टर को अग्रिम इलाकों में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैनात कर दिया है,

भारतीय सेना के चीफ आफ डिफेंस बिपिन रावत ने कहा कि भारतीय सेना किसी भी स्थिति का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सक्षम है ,चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हाल ही में अपने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ एक हाई लेवल मीटिंग करके किसी बुरे वक्त के लिए तैयार रहने को कहा है, भारतीय सेना भी स्थिति पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं, भारत इस मुद्दे पर चीन के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर इस मसले को सुलझाने में लगा हुआ है, |

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