कोरोना का हाहाकार, पूरा विश्व लाचार:- कोरोना महामारी के चलते पूरे विश्व में इस वक्त हाहाकार मचा हुआ है ,पूरी दुनिया इससे बचने के लिए उपायों पर दिन रात लगी हुई है पर अभी इसका कोई कारगर उपाय कोई खोज नहीं पाया, पूरी दुनिया में इस वक्त 17 लाख 71 हजार के करीब संक्रमित मरीज हुए हैं वही मरने वालों की संख्या एक लाख से अधिक है जबकि इस बीमारी से लगभग 4 लाख लोग ठीक भी हुए हैं, सुपर पावर अमेरिका में अभी 5.25लाख के लगभग लोग इससे संक्रमित हैं ,यहाँ 20,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. अमेरिका में इस बीमारी से 28000 से अधिक लोग ठीक भी हुए हैं ,अमेरिका में इतनी बड़ी त्रासदी बढ़ने का कारण वहां पर लाकडाउन नहीं लगाना रहा ,अमेरिका इस बीमारी को हल्के में लेता रहा और जिसका जिसका नतीजा यह रहा कि आज वह इस महामारी के आगे बेबस नजर आ रहा है, यहां 1 दिन में मरने वालों की संख्या 2000 तक पहुंच जा रही है, अकेले न्यूयॉर्क शहर में बड़ी संख्या में लोग इससे संक्रमित हुए हैं और अमेरिका में कुल मौत का आंकड़ा भी यहीं पर अधिक है, इतनी तेजी से संक्रमण फैलने के बाद अब वहां लाकडाउन किया गया है, सभी स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और लोगों को घर से निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है, अमेरिका ने भारत से दवा की मांग की जिस पर भारत ने उसे इस बीमारी में कारगर दवा हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन दवा देने के लिए राजी हुआ ,इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में भारत द्वारा इस प्रतिरोधक दवा देने देने पर अमेरिकी लोग हमेशा इस मदद को याद रखेंगे, अमेरिका के बाद इस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित देश स्पेन है जहां पर कोरोना महामारी से संक्रमितो की संख्या 163000 तक पहुंच गई है, यहां लगभग 16000 से अधिक लोग वह की मौत हुई है जबकि 6000 से से अधिक लोग इस बीमारी से ठीक हुए हैं, इटली में 152000 से अधिक लोग संक्रमित हैं जबकि 30500 से अधिक लोग अधिक लोग इस बीमारी से ठीक हुए हैं और 19400 से अधिक लोग इस महामारी के काल के गाल में समा गए हैं, इटली के बाद फ्रांस में कोरोनावायरस मरीजों की संख्या 129000 तक पहुंच गई है जबकि लगभग 13000 से अधिक लोगों की मौत अधिक लोगों की मौत लोगों की मौत इस बीमारी से हुई है और ठीक होने वालों की संख्या भी 26 हजार से अधिक है, जर्मनी में सवा लाख लोग इस महामारी के शिकार हैं, यहां 28 सौ से अधिक लोगों की मौत हुई है जबकि 5700 से अधिक लोग इस बीमारी से ठीक हुए हैं , चीन में कोरोना के नए 99 मामले सामने आए हैं जिससे कि इस बीमारी को वहां एक एक बार फिर बढ़ने के आसार हो गए हैं, चीन धीरे-धीरे इस बीमारी से अपने आप को को से अपने आप को मुक्त करने की बात दुनिया को बता रहा था लेकिन वहां ताजा नए मामले आने से एक बार फिर बार फिर उसके दावों पर प्रश्नचिन्ह पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है , इस बीमारी में सबसे कारगर दवा भारत में मलेरिया बीमारी के लिए उपयोग होने वाली हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन है जिस के उत्पादन में उत्पादन में भारत का प्रभुत्व है ,पूरी दुनिया से इसकी भारी मांग भारत के पास आ रही हैं, जिसकी सप्लाई भारत लगभग 32 देशों को कर रहा है, जिसमें सुपर पावर अमेरिका भी शामिल है, हाइड्रोक्सी क्लोरो क्वीन क्वीन की दवा भेजे जाने पर इजरायल के प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया, उन्होंने कहा मेरे प्यारे दोस्त मोदी को शुक्रिया इस कठिन परिस्थिति में भारत ने यह दवा देकर दवा देकर इजराइल के लोगों पर बड़ा उपकार किया है ,हम इसे हमेशा याद रखेंगे, रूस ने इस महामारी से निपटने के लिए रिकॉर्ड 20 दिनों में 1000 बेड का अस्पताल तैयार कराया है इस को तैयार करने में 10 हजार मजदूर दिन रात लगे रहे और इसके बनाने में कुल लागत लगभग 700 करोड रुपए आया है , रूस में भी यह बीमारी तेजी से पांव पसार रही है , ब्राजील के प्रधानमंत्री ने तो प्रधानमंत्री मोदी की तुलना हनुमान से से से की, भारत ब्राजील में कोरोना संक्रमण से लड़ने में प्रतिरोधक दवा हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन को बनाने में ब्राजील की मदद कर रहा है , भारत अपने पड़ोसी देशों नेपाल, बांग्लादेश ,म्यांमार अफगानिस्तान आदि देशों को भी कोरोना में प्रयुक्त होने वाली कारगर दवा हाइड्रोक्सी क्लोरो क्वीन उपलब्ध करा रहा है,

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